घुमंतू जनजातियों को छह दशक पहले अपराधी होने की छाप से आधिकारिक तौर पर छुटकारा जरूर मिल गया, लेकिन उनके प्रति सामाजिक नजरिए में बदलाव अब भी नहीं दिखता।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2PSXxGP
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घुमंतू जनजातियों को छह दशक पहले अपराधी होने की छाप से आधिकारिक तौर पर छुटकारा जरूर मिल गया, लेकिन उनके प्रति सामाजिक नजरिए में बदलाव अब भी नहीं दिखता।
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